टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड की याचिका इंदौर बेंच ने ट्रांसफर की, 500 करोड़ से ज्यादा का है विवाद
500 करोड़ से ऊपर के मामलों पर चीफ जस्टिस का आदेश लागू
मामले पर हुई सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ और अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह रघुवंशी ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान रजिस्ट्री कार्यालय की ओर से कोर्ट के संज्ञान में लाया गया कि मुख्य न्यायाधीश के आदेश के तहत 500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के कमर्शियल विवाद, जो इंदौर या ग्वालियर बेंच में लंबित या नए दायर हों, उन्हें मुख्यपीठ जबलपुर में ही सुना जाएगा। डिवीज़न बेंच ने पाया कि इस मामले में अनुबंध की कीमत 500 करोड़ रुपये से अधिक है, इसलिए सुनवाई का अधिकार क्षेत्र जबलपुर पीठ को है। इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया कि वर्तमान मामला तथा W.P. No. 3467/2026 दोनों को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि सुनवाई प्रधान पीठ, जबलपुर में हो सके।
टॉप प्रायोरिटी में रखने के निर्देश
इंदौर बेंच के प्रधान रजिस्ट्रार को आदेश दिया गया है कि मामले को शीर्ष प्राथमिकता पर मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए, क्योंकि एक ओर अंतरिम आदेश पहले से पारित है और दूसरी ओर नई याचिका में बैंक गारंटी के इनवोकेशन को सीधी चुनौती दी गई है।
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